परीक्षित्! चन्द्रवंश और सूर्यवंशमें जितने राजा हो गये हैं या होंगे, उन सबका मैंने संक्षेपसे वर्णन कर दिया॥ २५॥
ते त उद्देशतः प्रोक्ता वंशीयाः सोमसूर्ययोः॥ २५
परीक्षित्! चन्द्रवंश और सूर्यवंशमें जितने राजा हो गये हैं या होंगे, उन सबका मैंने संक्षेपसे वर्णन कर दिया॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.2.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 914) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/2/25/