श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.13.7

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

चतुर्विंशति वाराहमेकाशीतिसहस्रकम्।

स्कान्दं शतं तथा चैकं वामनं दश कीर्तितम्॥ ७

caturviṃśati vārāhamekāśītisahasrakam|

skāndaṃ śataṃ tathā caikaṃ vāmanaṃ daśa kīrtitam|| 7

अर्थ

वराहपुराणमें चौबीस हजार, स्कन्द-पुराणकी श्‍लोक-संख्या इक्यासी हजार एक सौ है और वामनपुराणकी दस हजार॥ ७॥

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