परीक्षित्! बाह्लिकवंशी नरपति एक साथ ही विभिन्न प्रदेशोंमें राज्य करेंगे। उनमें सात अन्ध्रदेशके तथा सात ही कोसलदेशके अधिपति होंगे, कुछ विदूर-भूमिके शासक और कुछ निषधदेशके स्वामी होंगे॥ ३५॥
एककाला इमे भूपाः सप्तान्ध्राः सप्त कोसलाः।
विदूरपतयो भाव्या निषधास्तत एव हि॥ ३५
परीक्षित्! बाह्लिकवंशी नरपति एक साथ ही विभिन्न प्रदेशोंमें राज्य करेंगे। उनमें सात अन्ध्रदेशके तथा सात ही कोसलदेशके अधिपति होंगे, कुछ विदूर-भूमिके शासक और कुछ निषधदेशके स्वामी होंगे॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.1.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 910) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/1/35/