इनके तेरह पुत्र होंगे और वे सब-के-सब बाह्लिक कहलायेंगे। उनके पश्चात् पुष्पमित्र नामक क्षत्रिय और उसके पुत्र दुर्मित्रका राज्य होगा॥ ३४॥
तेषां त्रयोदश सुता भवितारश्च बाह्लिकाः।
पुष्पमित्रोऽथ राजन्यो दुर्मित्रोऽस्य तथैव च॥ ३४
इनके तेरह पुत्र होंगे और वे सब-के-सब बाह्लिक कहलायेंगे। उनके पश्चात् पुष्पमित्र नामक क्षत्रिय और उसके पुत्र दुर्मित्रका राज्य होगा॥ ३४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.1.34 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 909) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/1/34/