श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.1.11

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

तस्य चाष्टौ भविष्यन्ति सुमाल्यप्रमुखाः सुताः।

य इमां भोक्ष्यन्ति महीं राजानः स्म शतं समाः॥ ११

tasya cāṣṭau bhaviṣyanti sumālyapramukhāḥ sutāḥ|

ya imāṃ bhokṣyanti mahīṃ rājānaḥ sma śataṃ samāḥ|| 11

अर्थ

उसके सुमाल्य आदि आठ पुत्र होंगे। वे सभी राजा होंगे और सौ वर्षतक इस पृथ्वीका उपभोग करेंगे॥ ११॥

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