श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.30.16

एकादश स्कन्ध · अध्याय 30 · अथ त्रिंशोऽध्यायः

प्रद्युम्‍नसाम्बौ युधि रूढमत्सरा-

वक्रूरभोजावनिरुद्धसात्यकी ।

सुभद्रसङ्ग्रामजितौ सुदारुणौ

गदौ सुमित्रासुरथौ समीयतुः॥ १६

pradyumnasāmbau yudhi rūḍhamatsarā-

vakrūrabhojāvaniruddhasātyakī |

subhadrasaṅgrāmajitau sudāruṇau

gadau sumitrāsurathau samīyatuḥ|| 16

अर्थ

प्रद्युम्‍न साम्बसे, अक्रूर भोजसे, अनिरुद्ध सात्यकिसे, सुभद्र संग्रामजित्से, भगवान् श्रीकृष्णके भाई गद उसी नामके उनके पुत्रसे और सुमित्र सुरथसे युद्ध करने लगे। ये सभी बड़े भयंकर योद्धा थे और क्रोधमें भरकर एक-दूसरेका नाश करनेपर तुल गये थे॥ १६॥

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