श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.24.29

एकादश स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

एष सांख्यविधिः प्रोक्तः संशयग्रन्थिभेदनः।

प्रतिलोमानुलोमाभ्यां परावरदृशा मया॥ २९

eṣa sāṃkhyavidhiḥ proktaḥ saṃśayagranthibhedanaḥ|

pratilomānulomābhyāṃ parāvaradṛśā mayā|| 29

अर्थ

उद्धवजी! मैं कार्य और कारण दोनोंका ही साक्षी हूँ। मैंने तुम्हें सृष्टिसे प्रलय और प्रलयसे सृष्टितककी सांख्यविधि बतला दी। इससे सन्देहकी गाँठ कट जाती है और पुरुष अपने स्वरूपमें स्थित हो जाता है॥ २९॥

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायामेकादशस्कन्धे चतुर्विंशोऽध्यायः

॥ २४॥

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