श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.22.46

एकादश स्कन्ध · अध्याय 22 · अथ द्वाविंशोऽध्यायः

निषेकगर्भजन्मानि बाल्यकौमारयौवनम्।

वयोमध्यं जरा मृत्युरित्यवस्थास्तनोर्नव॥ ४६

niṣekagarbhajanmāni bālyakaumārayauvanam|

vayomadhyaṃ jarā mṛtyurityavasthāstanornava|| 46

अर्थ

उद्धवजी! गर्भाधान, गर्भवृद्धि, जन्म, बाल्यावस्था, कुमारावस्था, जवानी, अधेड़ अवस्था, बुढ़ापा और मृत्यु—ये नौ अवस्थाएँ शरीरकी ही हैं॥ ४६॥

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