श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.19.12

एकादश स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

निवृत्ते भारते युद्धे सुहृन्‍निधनविह्वलः।

श्रुत्वा धर्मान् बहून् पश्‍चान्मोक्षधर्मानपृच्छत॥ १२

nivṛtte bhārate yuddhe suhṛnnidhanavihvalaḥ|

śrutvā dharmān bahūn paścānmokṣadharmānapṛcchata|| 12

अर्थ

जब भारतीय महायुद्ध समाप्त हो चुका था और धर्मराज युधिष्ठिर अपने स्वजन-सम्बन्धियोंके संहारसे शोक-विह्वल हो रहे थे, तब उन्होंने भीष्मपितामहसे बहुत-से धर्मोंका विवरण सुननेके पश्‍चात् मोक्षके साधनोंके सम्बन्धमें प्रश्‍न किया था॥ १२॥✎ 1753

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1753 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: पंच-तन्मात्रा—ये → पंचतन्मात्रा—ये

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