भगवान् श्रीकृष्णने कहा—उद्धवजी! जो प्रश्न तुमने मुझसे किया है, यही प्रश्न धर्मराज युधिष्ठिरने धार्मिकशिरोमणि भीष्मपितामहसे किया था। उस समय हम सभी लोग वहाँ विद्यमान थे॥ ११॥✎ 1753
इत्थमेतत् पुरा राजा भीष्मं धर्मभृतां वरम्।
अजातशत्रुः पप्रच्छ सर्वेषां नोऽनुशृण्वताम्॥ ११
भगवान् श्रीकृष्णने कहा—उद्धवजी! जो प्रश्न तुमने मुझसे किया है, यही प्रश्न धर्मराज युधिष्ठिरने धार्मिकशिरोमणि भीष्मपितामहसे किया था। उस समय हम सभी लोग वहाँ विद्यमान थे॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.19.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 829) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/19/11/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)