॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 11.17.9
श्रीभगवानुवाच
धर्म्य एष तव प्रश्नो नैःश्रेयसकरो नृणाम्।
वर्णाश्रमाचारवतां तमुद्धव निबोध मे॥ ९
dharmya eṣa tava praśno naiḥśreyasakaro nṛṇām|
varṇāśramācāravatāṃ tamuddhava nibodha me|| 9
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णने कहा—प्रिय उद्धव! तुम्हारा प्रश्न धर्ममय है, क्योंकि इससे वर्णाश्रमधर्मी मनुष्योंको परमकल्याणस्वरूप मोक्षकी प्राप्ति होती है। अतः मैं तुम्हें उन धर्मोंका उपदेश करता हूँ, सावधान होकर सुनो॥ ९॥