॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 11.14.3
श्रीभगवानुवाच
कालेन नष्टा प्रलये वाणीयं वेदसंज्ञिता।
मयाऽऽदौ ब्रह्मणे प्रोक्ता धर्मो यस्यां मदात्मकः॥ ३
kālena naṣṭā pralaye vāṇīyaṃ vedasaṃjñitā|
mayā''dau brahmaṇe proktā dharmo yasyāṃ madātmakaḥ|| 3
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णने कहा—प्रिय उद्धव! यह वेदवाणी समयके फेरसे प्रलयके अवसरपर लुप्त हो गयी थी; फिर जब सृष्टिका समय आया, तब मैंने अपने संकल्पसे ही इसे ब्रह्माको उपदेश किया, इसमें मेरे भागवतधर्मका ही वर्णन है॥ ३॥