श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.90.42

दशम स्कन्ध · अध्याय 90 · अथ नवतितमोऽध्यायः

संख्यानं यादवानां कः करिष्यति महात्मनाम्।

यत्रायुतानामयुतलक्षेणास्ते स आहुकः॥ ४२

saṃkhyānaṃ yādavānāṃ kaḥ kariṣyati mahātmanām|

yatrāyutānāmayutalakṣeṇāste sa āhukaḥ|| 42

अर्थ

ऐसी स्थितिमें महात्मा यदुवंशियोंकी संख्या तो बतायी ही कैसे जा सकती है! स्वयं महाराज उग्रसेनके साथ एक नील (१०००००००००००००) के लगभग सैनिक रहते थे॥ ४२॥

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