श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.89.27

दशम स्कन्ध · अध्याय 89 · अथैकोननवतितमोऽध्यायः

तामर्जुन उपश्रुत्य कर्हिचित् केशवान्तिके।

परेते नवमे बाले ब्राह्मणं समभाषत॥ २७

tāmarjuna upaśrutya karhicit keśavāntike|

parete navame bāle brāhmaṇaṃ samabhāṣata|| 27

अर्थ

नवें बालकके मरनेपर जब वह वहाँ आया, तब उस समय भगवान् श्रीकृष्णके पास अर्जुन भी बैठे हुए थे। उन्होंने ब्राह्मणकी बात सुनकर उससे कहा—॥ २७॥✎ 897

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #897 शब्दोंके बीचका स्थान: २४॥जो → २४॥ जो

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