श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.84.2

दशम स्कन्ध · अध्याय 84 · अथ चतुरशीतितमोऽध्यायः

इति सम्भाषमाणासु स्त्रीभिः स्त्रीषु नृभिर्नृषु।

आययुर्मुनयस्तत्र कृष्णरामदिदृक्षया॥ २

iti sambhāṣamāṇāsu strībhiḥ strīṣu nṛbhirnṛṣu|

āyayurmunayastatra kṛṣṇarāmadidṛkṣayā|| 2

अर्थ

इस प्रकार जिस समय स्त्रियोंसे स्त्रियाँ और पुरुषोंसे पुरुष बातचीत कर रहे थे, उसी समय बहुत-से ऋषि-मुनि भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका दर्शन करनेके लिये वहाँ आये॥ २॥

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