श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
⌕

॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.80.9

दशम स्कन्ध · अध्याय 80 · अथाशीतितमोऽध्यायः

ननु ब्रह्मन् भगवतः सखा साक्षाच्छ्रियः पतिः।

ब्रह्मण्यश्‍च शरण्यश्‍च भगवान् सात्वतर्षभः॥ ९

nanu brahman bhagavataḥ sakhā sākṣācchriyaḥ patiḥ|

brahmaṇyaśca śaraṇyaśca bhagavān sātvatarṣabhaḥ|| 9

अर्थ

‘भगवन्! साक्षात् लक्ष्मीपति भगवान् श्रीकृष्ण आपके सखा हैं। वे भक्तवाञ्छाकल्पतरु, शरणागतवत्सल और ब्राह्मणोंके परम भक्त हैं॥ ९॥

पढ़नेकी विधि

अक्षरका आकार
सामान्य
अध्यायमें क्या दिखे
रोमन लिप्यन्तरण (IAST)
पंक्तियोंके बीच
रंग
सहायता

ये विकल्प केवल इसी ब्राउज़रमें रहते हैं; कहीं भेजे नहीं जाते। कुंजियाँ: ?

↑ ↓ चुनें · Enter खोलें · Esc बन्द

कुंजियाँ

←→
पिछला या अगला पृष्ठ (श्लोक, या अध्याय)
/
खोज
CtrlK
किसी अध्याय या श्लोकपर सीधे जाएँ (Mac: ⌘ K)
AltA
पढ़नेकी विधि
?
यह सूची
Esc
खुली सूची बन्द करें