॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.80.44
ब्राह्मण उवाच
किमस्माभिरनिर्वृत्तं देवदेव जगद्गुरो।
भवता सत्यकामेन येषां वासो गुरावभूत्॥ ४४
kimasmābhiranirvṛttaṃ devadeva jagadguro|
bhavatā satyakāmena yeṣāṃ vāso gurāvabhūt|| 44
अर्थ
ब्राह्मणदेवताने कहा—देवताओंके आराध्यदेव जगद्गुरु श्रीकृष्ण! भला, अब हमें क्या करना बाकी है? क्योंकि आपके साथ, जो सत्यसंकल्प परमात्मा हैं, हमें गुरुकुलमें रहनेका सौभाग्य प्राप्त हुआ था॥ ४४॥