वहीं उन्होंने ब्राह्मणोंसे सुना कि कौरव और पाण्डवोंके युद्धमें अधिकांश क्षत्रियोंका संहार हो गया। उन्होंने ऐसा अनुभव किया कि अब पृथ्वीका बहुत-सा भार उतर गया॥ २२॥
श्रुत्वा द्विजैः कथ्यमानं कुरुपाण्डवसंयुगे।
सर्वराजन्यनिधनं भारं मेने हृतं भुवः॥ २२
वहीं उन्होंने ब्राह्मणोंसे सुना कि कौरव और पाण्डवोंके युद्धमें अधिकांश क्षत्रियोंका संहार हो गया। उन्होंने ऐसा अनुभव किया कि अब पृथ्वीका बहुत-सा भार उतर गया॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.79.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 617) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/79/22/