श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.76.13

दशम स्कन्ध · अध्याय 76 · अथ षट्सप्ततितमोऽध्यायः

प्रद्युम्‍नो भगवान् वीक्ष्य बाध्यमाना निजाः प्रजाः।

मा भैष्टेत्यभ्यधाद् वीरो रथारूढो महायशाः॥ १३

pradyumno bhagavān vīkṣya bādhyamānā nijāḥ prajāḥ|

mā bhaiṣṭetyabhyadhād vīro rathārūḍho mahāyaśāḥ|| 13

अर्थ

परमयशस्वी वीर भगवान् प्रद्युम्‍नने देखा—हमारी प्रजाको बड़ा कष्ट हो रहा है, तब उन्होंने रथपर सवार होकर सबको ढाढ़स बँधाया और कहा कि ‘डरो मत’॥ १३॥

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