परमयशस्वी वीर भगवान् प्रद्युम्नने देखा—हमारी प्रजाको बड़ा कष्ट हो रहा है, तब उन्होंने रथपर सवार होकर सबको ढाढ़स बँधाया और कहा कि ‘डरो मत’॥ १३॥
प्रद्युम्नो भगवान् वीक्ष्य बाध्यमाना निजाः प्रजाः।
मा भैष्टेत्यभ्यधाद् वीरो रथारूढो महायशाः॥ १३
परमयशस्वी वीर भगवान् प्रद्युम्नने देखा—हमारी प्रजाको बड़ा कष्ट हो रहा है, तब उन्होंने रथपर सवार होकर सबको ढाढ़स बँधाया और कहा कि ‘डरो मत’॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.76.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 604) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/76/13/