श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.75.20

दशम स्कन्ध · अध्याय 75 · अथ पञ्चसप्ततितमोऽध्यायः

देवदुन्दुभयो नेदुर्नरदुन्दुभिभिः समम्।

मुमुचुः पुष्पवर्षाणि देवर्षिपितृमानवाः॥ २०

devadundubhayo nedurnaradundubhibhiḥ samam|

mumucuḥ puṣpavarṣāṇi devarṣipitṛmānavāḥ|| 20

अर्थ

उस समय मनुष्योंकी दुन्दुभियोंके साथ ही देवताओंकी दुन्दुभियाँ भी बजने लगीं। बड़े-बड़े देवता, ऋषि-मुनि, पितर और मनुष्य पुष्पोंकी वर्षा करने लगे॥ २०॥

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