॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.73.16
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥ १६
kṛṣṇāya vāsudevāya haraye paramātmane|
praṇatakleśanāśāya govindāya namo namaḥ|| 16
अर्थ
प्रणाम करनेवालोंके क्लेशका नाश करनेवाले श्रीकृष्ण, वासुदेव, हरि, परमात्मा एवं गोविन्दके प्रति हमारा बार-बार नमस्कार है॥ १६॥✎ 1709