mā bhaiṣṭa dūta bhadraṃ vo ghātayiṣyāmi māgadham|| 19
अर्थ
इसके बाद भगवान् श्रीकृष्णने जरासन्धके बंदी नरपतियोंके दूतको अपनी मधुर वाणीसे आश्वासन देते हुए कहा—‘दूत! तुम अपने राजाओंसे जाकर कहना—डरो मत! तुमलोगोंका कल्याण हो। मैं जरासन्धको मरवा डालूँगा’॥ १९॥✎ 2129
राजदूतमुवाचेदं भगवान् प्रीणयन् गिरा।
मा भैष्ट दूत भद्रं वो घातयिष्यामि मागधम्॥ १९
इसके बाद भगवान् श्रीकृष्णने जरासन्धके बंदी नरपतियोंके दूतको अपनी मधुर वाणीसे आश्वासन देते हुए कहा—‘दूत! तुम अपने राजाओंसे जाकर कहना—डरो मत! तुमलोगोंका कल्याण हो। मैं जरासन्धको मरवा डालूँगा’॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.71.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 576) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/71/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)