श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.61.26

दशम स्कन्ध · अध्याय 61 · अथैकषष्टितमोऽध्यायः

तस्मिन्‍नभ्युदये राजन् रुक्मिणी रामकेशवौ।

पुरं भोजकटं जग्मुः साम्बप्रद्युम्‍नकादयः॥ २६

tasminnabhyudaye rājan rukmiṇī rāmakeśavau|

puraṃ bhojakaṭaṃ jagmuḥ sāmbapradyumnakādayaḥ|| 26

अर्थ

परीक्षित्! अनिरुद्धके विवाहोत्सवमें सम्मिलित होनेके लिये भगवान् श्रीकृष्ण, बलरामजी, रुक्मिणीजी, प्रद्युम्‍न, साम्ब आदि द्वारकावासी भोजकट नगरमें पधारे॥ २६॥

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