श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.6.25

दशम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

पृश्‍निगर्भस्तु ते बुद्धिमात्मानं भगवान् परः।

क्रीडन्तं पातु गोविन्दः शयानं पातु माधवः॥ २५

pṛśnigarbhastu te buddhimātmānaṃ bhagavān paraḥ|

krīḍantaṃ pātu govindaḥ śayānaṃ pātu mādhavaḥ|| 25

अर्थ

पृश्‍निगर्भ तेरी बुद्धिकी और परमात्मा भगवान् तेरे अहंकारकी रक्षा करें। खेलते समय गोविन्द रक्षा करें, सोते समय माधव रक्षा करें॥ २५॥

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