॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.59.1
अथैकोनषष्टितमोऽध्यायः
भौमासुरका उद्धार और सोलह हजार एक सौ राज-
कन्याओंके साथ भगवान्का विवाह
राजोवाच
यथा हतो भगवता भौमो येन च ताः स्त्रियः।
निरुद्धा एतदाचक्ष्व विक्रमं शार्ङ्गधन्वनः॥ १
yathā hato bhagavatā bhaumo yena ca tāḥ striyaḥ|
niruddhā etadācakṣva vikramaṃ śārṅgadhanvanaḥ|| 1
अर्थ
राजा परीक्षित्ने पूछा—भगवन्! भगवान् श्रीकृष्णने भौमासुरको, जिसने उन स्त्रियोंको बंदीगृहमें डाल रखा था, क्यों और कैसे मारा? आप कृपा करके शार्ङ्ग-धनुषधारी भगवान् श्रीकृष्णका वह विचित्र चरित्र सुनाइये॥ १॥