जगदीश्वर! देखिये! अपनी चमकीली किरणोंसे लोगोंके नेत्रोंको चौंधियाते हुए प्रचण्डरश्मि भगवान् सूर्य आपका दर्शन करने आ रहे हैं॥ ७॥
एष आयाति सविता त्वां दिदृक्षुर्जगत्पते।
मुष्णन् गभस्तिचक्रेण नृणां चक्षूंषि तिग्मगुः॥ ७
जगदीश्वर! देखिये! अपनी चमकीली किरणोंसे लोगोंके नेत्रोंको चौंधियाते हुए प्रचण्डरश्मि भगवान् सूर्य आपका दर्शन करने आ रहे हैं॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.56.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 486) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/56/7/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1178 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): नॄणां → नृणां