जब महाबली मगधराज जरासन्धने देखा कि श्रीकृष्ण और बलराम तो भाग रहे हैं, तब वह हँसने लगा और अपनी रथ-सेनाके साथ उनका पीछा करने लगा। उसे भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीके ऐश्वर्य, प्रभाव आदिका ज्ञान न था॥ ९॥✎ 1685
पलायमानौ तौ दृष्ट्वा मागधः प्रहसन् बली।
अन्वधावद् रथानीकैरीशयोरप्रमाणवित्॥ ९
जब महाबली मगधराज जरासन्धने देखा कि श्रीकृष्ण और बलराम तो भाग रहे हैं, तब वह हँसने लगा और अपनी रथ-सेनाके साथ उनका पीछा करने लगा। उसे भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीके ऐश्वर्य, प्रभाव आदिका ज्ञान न था॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.52.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 462) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/52/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)