जब आपके सहित यह सम्पूर्ण विश्व जैसा बाहर दीखता है वैसा ही आपके उदरमें भी दीखा, तब क्या यह सब आपकी मायाके बिना ही आपमें प्रतीत हुआ? अवश्य ही आपकी लीला है॥ १७॥✎ 1421
यस्य कुक्षाविदं सर्वं सात्मं भाति यथा तथा।
तत्त्वय्यपीह तत् सर्वं किमिदं मायया विना॥ १७
जब आपके सहित यह सम्पूर्ण विश्व जैसा बाहर दीखता है वैसा ही आपके उदरमें भी दीखा, तब क्या यह सब आपकी मायाके बिना ही आपमें प्रतीत हुआ? अवश्य ही आपकी लीला है॥ १७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.14.17 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 224) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/14/17/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1421 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): छड़ी-छींके → छड़ी-छीके