मेरे प्यारे बेटा राम! तुम तो समूचे कुलको आनन्द देनेवाले हो। अपने छोटे भाईको लेकर जल्दीसे आ जाओ तो! देखो, भाई! आज तुमने बहुत सबेरे कलेऊ किया था। अब तो तुम्हें कुछ खाना चाहिये॥ १६॥✎ 1413
हे रामागच्छ ताताशु सानुजः कुलनन्दन।
प्रातरेव कृताहारस्तद् भवान् भोक्तुमर्हति॥ १६
मेरे प्यारे बेटा राम! तुम तो समूचे कुलको आनन्द देनेवाले हो। अपने छोटे भाईको लेकर जल्दीसे आ जाओ तो! देखो, भाई! आज तुमने बहुत सबेरे कलेऊ किया था। अब तो तुम्हें कुछ खाना चाहिये॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.11.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 197) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/11/16/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)