॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.1.38
मृत्युर्जन्मवतां वीर देहेन सह जायते।
अद्य वाब्दशतान्ते वा मृत्युर्वै प्राणिनां ध्रुवः॥ ३८
mṛtyurjanmavatāṃ vīra dehena saha jāyate|
adya vābdaśatānte vā mṛtyurvai prāṇināṃ dhruvaḥ|| 38
अर्थ
वीरवर! जो जन्म लेते हैं, उनके शरीरके साथ ही मृत्यु भी उत्पन्न होती है। आज हो या सौ वर्षके बाद—जो प्राणी है, उसकी मृत्यु होगी ही॥ ३८॥