श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.6.3

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

स्वायम्भुव कया वृत्त्या वर्तितं ते परं वयः।

कथं चेदमुदस्राक्षीः काले प्राप्ते कलेवरम्॥ ३

svāyambhuva kayā vṛttyā vartitaṃ te paraṃ vayaḥ|

kathaṃ cedamudasrākṣīḥ kāle prāpte kalevaram|| 3

अर्थ

स्वायम्भुव! आपकी शेष आयु किस प्रकार व्यतीत हुई और मृत्युके समय आपने किस विधिसे अपने शरीरका परित्याग किया?॥ ३॥

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