भगवान् श्रीकृष्ण कीर्तन करनेयोग्य बहुत-सी लीलाएँ करते हैं। इसलिये उनके गुण और लीलाओंसे सम्बन्ध रखनेवाली जितनी भी कथाएँ हैं, कल्याणकामी पुरुषोंको उन सबका सेवन करना चाहिये॥ १०॥✎ 109
या याः कथा भगवतः कथनीयोरुकर्मणः।
गुणकर्माश्रयाः पुम्भिः संसेव्यास्ता बुभूषुभिः॥ १०
भगवान् श्रीकृष्ण कीर्तन करनेयोग्य बहुत-सी लीलाएँ करते हैं। इसलिये उनके गुण और लीलाओंसे सम्बन्ध रखनेवाली जितनी भी कथाएँ हैं, कल्याणकामी पुरुषोंको उन सबका सेवन करना चाहिये॥ १०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.18.10 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 169) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/18/10/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)