राजाओंका परम धर्म यही है कि वे दुःखियोंका दुःख दूर करें। यह महादुष्ट और प्राणियोंको पीड़ित करनेवाला है। अतः मैं अभी इसे मार डालूँगा॥ ११॥
एष राज्ञां परो धर्मो ह्यार्तानामार्तिनिग्रहः।
अत एनं वधिष्यामि भूतद्रुहमसत्तमम्॥ ११
राजाओंका परम धर्म यही है कि वे दुःखियोंका दुःख दूर करें। यह महादुष्ट और प्राणियोंको पीड़ित करनेवाला है। अतः मैं अभी इसे मार डालूँगा॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.17.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 164) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/17/11/