संयमी एवं श्रीकृष्णके प्रेमावेशमें मुग्ध भगवन्मय विदुरजीने भी अपने शरीरको प्रभासक्षेत्रमें त्याग दिया। उस समय उन्हें लेनेके लिये आये हुए पितरोंके साथ वे अपने लोक (यमलोक)-को चले गये॥ ४९॥
विदुरोऽपि परित्यज्य प्रभासे देहमात्मवान्।
कृष्णावेशेन तच्चित्तः पितृभिः स्वक्षयं ययौ॥ ४९
संयमी एवं श्रीकृष्णके प्रेमावेशमें मुग्ध भगवन्मय विदुरजीने भी अपने शरीरको प्रभासक्षेत्रमें त्याग दिया। उस समय उन्हें लेनेके लिये आये हुए पितरोंके साथ वे अपने लोक (यमलोक)-को चले गये॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.15.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 157) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/15/49/