श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.4.35

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

धनं पुत्रांस्तथा दारान् वाहनादि यशो गृहान्।

असापत्‍न्यं च राज्यं च दद्याद् भागवती कथा॥ ३५

dhanaṃ putrāṃstathā dārān vāhanādi yaśo gṛhān|

asāpatnyaṃ ca rājyaṃ ca dadyād bhāgavatī kathā|| 35

अर्थ

यह श्रीमद्भागवतकी कथा धन, पुत्र, स्त्री, हाथी-घोड़े आदि वाहन, यश, मकान और निष्कण्टक राज्य भी दे सकती है॥ ३५॥

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