य एतां भगवत्प्राप्तिं शृणुयाच्चापि कीर्तयेत्।
तस्य वै भगवत्प्राप्तिर्दुःखहानिश्च जायते॥ ७४
सूतजी कहते हैं—जो लोग इस भगवत्प्राप्तिकी कथाको सुनेंगे और कहेंगे, उन्हें भगवान् मिल जायँगे और उनके दुःखोंका सदाके लिये अन्त हो जायगा॥ ७४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.3.74 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 1002) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/3/74/