श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.24

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

रहस्यं त्विदमेतस्य प्रकृतेः परमुच्यते।

प्रकृत्या खेलतस्तस्य लीलान्यैरनुभूयते॥ २४

rahasyaṃ tvidametasya prakṛteḥ paramucyate|

prakṛtyā khelatastasya līlānyairanubhūyate|| 24

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्णकी यह रहस्य-लीला प्रकृतिसे परे है। वे जिस समय प्रकृतिके साथ खेलने लगते हैं, उस समय दूसरे लोग भी उनकी लीलाका अनुभव करते हैं॥ २४॥

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