जब वज्रनाभने परीक्षित्से यह बात कही, तब उन्होंने वज्रनाभका सन्देह मिटानेके लिये महर्षि शाण्डिल्यको बुलवाया। ये ही महर्षि शाण्डिल्य पहले नन्द आदि गोपोंके पुरोहित थे॥ १६॥
इत्युक्तो विष्णुरातस्तु नन्दादीनां पुरोहितम्।
शाण्डिल्यमाजुहावाशु वज्रसन्देहनुत्तये॥ १६
जब वज्रनाभने परीक्षित्से यह बात कही, तब उन्होंने वज्रनाभका सन्देह मिटानेके लिये महर्षि शाण्डिल्यको बुलवाया। ये ही महर्षि शाण्डिल्य पहले नन्द आदि गोपोंके पुरोहित थे॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.1.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 985) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/1/16/