श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.97

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

इत्येतत्ते समाख्यातं यत्पृष्टोऽहं त्वयानघ।

कलौ भागवती वार्ता भवरोगविनाशिनी॥ ९७

ityetatte samākhyātaṃ yatpṛṣṭo'haṃ tvayānagha|

kalau bhāgavatī vārtā bhavarogavināśinī|| 97

अर्थ

निष्पाप शौनकजी! आपने जो कुछ पूछा था, उसका उत्तर मैंने आपको दे दिया। इस कलियुगमें भागवतकी कथा भवरोगकी रामबाण औषध है॥ ९७॥

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