tatkathāmanu kāryaṃ vai kīrtanaṃ vaiṣṇavaistadā|| 39
अर्थ
दोपहरके समय दो घड़ीतक कथा बंद रखे। उस समय कथाके प्रसंगके अनुसार वैष्णवोंको भगवान्के गुणोंका कीर्तन करना चाहिये—व्यर्थ बातें नहीं करनी चाहिये॥ ३९॥
कथाविरामः कर्तव्यो मध्याह्ने घटिकाद्वयम्।
तत्कथामनु कार्यं वै कीर्तनं वैष्णवैस्तदा॥ ३९
दोपहरके समय दो घड़ीतक कथा बंद रखे। उस समय कथाके प्रसंगके अनुसार वैष्णवोंको भगवान्के गुणोंका कीर्तन करना चाहिये—व्यर्थ बातें नहीं करनी चाहिये॥ ३९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.39 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 73) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/6/39/