श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.54

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

कम्पन्ते सर्वपापानि सप्ताहश्रवणे स्थिते।

अस्माकं प्रलयं सद्यः कथा चेयं करिष्यति॥ ५४

kampante sarvapāpāni saptāhaśravaṇe sthite|

asmākaṃ pralayaṃ sadyaḥ kathā ceyaṃ kariṣyati|| 54

अर्थ

जब सप्ताहश्रवणका योग लगता है, तब सब पाप थर्रा उठते हैं कि अब यह भागवतकी कथा जल्दी ही हमारा अन्त कर देगी॥ ५४॥

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