gokarṇaḥ stambhanaṃ cakre sūryavegasya vai tadā|| 39
अर्थ
तब सबने यही निश्चय किया कि इस विषयमें सूर्यनारायण जो आज्ञा करें, वही करना चाहिये। अतः गोकर्णने अपने तपोबलसे सूर्यकी गतिको रोक दिया॥ ३९॥✎ 16
ततः सर्वैः सूर्यवाक्यं तन्मुक्तौ स्थापितं परम्।
गोकर्णः स्तम्भनं चक्रे सूर्यवेगस्य वै तदा॥ ३९
तब सबने यही निश्चय किया कि इस विषयमें सूर्यनारायण जो आज्ञा करें, वही करना चाहिये। अतः गोकर्णने अपने तपोबलसे सूर्यकी गतिको रोक दिया॥ ३९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.5.39 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 65) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/5/39/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)