॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक PRE.4.8
अलौकिकोऽयं महिमा मुनीश्वराः सप्ताहजन्योऽद्य विलोकितो मया।
मूढाः शठा ये पशुपक्षिणोऽत्र सर्वेऽपि निष्पापतमा भवन्ति॥ ८
alaukiko'yaṃ mahimā munīśvarāḥ saptāhajanyo'dya vilokito mayā|
mūḍhāḥ śaṭhā ye paśupakṣiṇo'tra sarve'pi niṣpāpatamā bhavanti|| 8
अर्थ
मुनीश्वरगण! आज सप्ताहश्रवणकी मैंने यह बड़ी ही अलौकिक महिमा देखी। यहाँ तो जो बड़े मूर्ख, दुष्ट और पशु-पक्षी भी हैं, वे सभी अत्यन्त निष्पाप हो गये हैं॥ ८॥