श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.3.69

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

ऊचुः कुमारा वचनं तदानीं कथार्थतो निष्पतिताधुनेयम्।

एवं गिरः सा ससुता निशम्य सनत्कुमारं निजगाद नम्रा॥ ६९

ūcuḥ kumārā vacanaṃ tadānīṃ kathārthato niṣpatitādhuneyam|

evaṃ giraḥ sā sasutā niśamya sanatkumāraṃ nijagāda namrā|| 69

अर्थ

तब सनकादिने कहा—‘ये भक्तिदेवी अभी-अभी कथाके अर्थसे निकली हैं।’ उनके ये वचन सुनकर भक्तिने अपने पुत्रोंसमेत अत्यन्त विनम्र होकर सनत्कुमारजीसे कहा॥ ६९॥

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