॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक PRE.2.42
एवमृषिगणैः पृष्टैर्निर्णीयोक्तं दुरासदम्॥ ४२
evamṛṣigaṇaiḥ pṛṣṭairnirṇīyoktaṃ durāsadam|| 42
अर्थ
इस प्रकार जिन-जिन ऋषियोंसे इसके विषयमें पूछा गया, उन्होंने निर्णय करके यही कहा कि यह बात दुःसाध्य ही है॥ ४२॥
॥ श्रीहरिः ॥
एवमृषिगणैः पृष्टैर्निर्णीयोक्तं दुरासदम्॥ ४२
evamṛṣigaṇaiḥ pṛṣṭairnirṇīyoktaṃ durāsadam|| 42
इस प्रकार जिन-जिन ऋषियोंसे इसके विषयमें पूछा गया, उन्होंने निर्णय करके यही कहा कि यह बात दुःसाध्य ही है॥ ४२॥