वे संत न जाने कहाँ मिलेंगे और किस प्रकार उस साधनको बतायेंगे? अब आकाशवाणीने जो कुछ कहा है, उसके अनुसार मुझे क्या करना चाहिये?॥ ३६॥✎ 1563
क्व भविष्यन्ति सन्तस्ते कथं दास्यन्ति साधनम्।
मयात्र किं प्रकर्तव्यं यदुक्तं व्योमभाषया॥ ३६
वे संत न जाने कहाँ मिलेंगे और किस प्रकार उस साधनको बतायेंगे? अब आकाशवाणीने जो कुछ कहा है, उसके अनुसार मुझे क्या करना चाहिये?॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.2.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 43) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/2/36/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)