॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक PRE.1.56
सूत उवाच
क्षणमात्रेण तज्ज्ञात्वा वाक्यमूचे मुनीश्वरः॥ ५६
kṣaṇamātreṇa tajjñātvā vākyamūce munīśvaraḥ|| 56
अर्थ
सूतजी कहते हैं—मुनिवर नारदजीने एक क्षणमें ही उसका कारण जानकर कहा॥ ५६॥
॥ श्रीहरिः ॥
सूत उवाच
क्षणमात्रेण तज्ज्ञात्वा वाक्यमूचे मुनीश्वरः॥ ५६
kṣaṇamātreṇa tajjñātvā vākyamūce munīśvaraḥ|| 56
सूतजी कहते हैं—मुनिवर नारदजीने एक क्षणमें ही उसका कारण जानकर कहा॥ ५६॥