इस प्रकार परस्पर विनिमय (अदला-बदली) हो जानेपर राजा परीक्षित् अमृतका पान करें और हम सब श्रीमद्भागवतरूप अमृतका पान करेंगे’॥ १५ ॥
एवं विनिमये जाते सुधा राज्ञा प्रपीयताम्।
प्रपास्यामो वयं सर्वे श्रीमद्भागवतामृतम्॥ १५
इस प्रकार परस्पर विनिमय (अदला-बदली) हो जानेपर राजा परीक्षित् अमृतका पान करें और हम सब श्रीमद्भागवतरूप अमृतका पान करेंगे’॥ १५ ॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 34) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/1/15/