श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.6.5

नवम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

तेषां पुरस्तादभवन्‍नार्यावर्ते नृपा नृप।

पंचविंशतिः पश्‍चाच्च त्रयो मध्ये परेऽन्यतः॥ ५

teṣāṃ purastādabhavannāryāvarte nṛpā nṛpa|

paṃcaviṃśatiḥ paścācca trayo madhye pare'nyataḥ|| 5

अर्थ

परीक्षित्! उनसे छोटे पचीस पुत्र आर्यावर्तके पूर्वभागके और पचीस पश्‍चिमभागके तथा उपर्युक्त तीन मध्यभागके अधिपति हुए। शेष सैंतालीस दक्षिण आदि अन्य प्रान्तोंके अधिपति हुए॥ ५॥

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