श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.6.20

नवम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

पुरंजयस्य पुत्रोऽभूदनेनास्तत्सुतः पृथुः।

विश्‍वरन्धिस्ततश्‍चन्द्रो युवनाश्‍वश्‍च तत्सुतः॥ २०

puraṃjayasya putro'bhūdanenāstatsutaḥ pṛthuḥ|

viśvarandhistataścandro yuvanāśvaśca tatsutaḥ|| 20

अर्थ

पुरंजयका पुत्र था अनेना। उसका पुत्र पृथु हुआ। पृथुके विश्‍वरन्धि, उसके चन्द्र और चन्द्रके युवनाश्‍व॥ २०॥

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